Name
LAXMI
Category
Social Worker
Profession
HOUSE WIFE
Education
BA
City
Sawai Madhopur
State
Rajasthan
Contact
Private
Private
Status
Participation Completed
कृषि ही मेरे जीवन का आधार है
थोड़ी सी जमीन है उसी पर ही आश्रित हूँ ,मेरे पति शिक्षक है परंतु में कृषि को ही मेरा आधार मानकर काम करती हूँ |
बुराइयों के खिलाफ मजबूती से संघर्ष
#स्पर्श....
पुरूष का प्यार तब तक प्यार है, जब तक वो स्त्री को स्पर्श ना करले
जबतक वो स्त्री स्पर्श को छू नहीं पाता उसके लिए वो सबकुछ होती है
और जैसे ही स्त्री उसपर भरोसा करती है अपनी दुनिया समझने लगती है और सौप देती है
सबकुछ
अचानक से वो उसे घिनौनी लगती है ,चरित्र हीन लगने लगती है ,
क्यू
उस स्त्री ने तो उसे भगवान माना है अच्छा बुरा कुछ सोचा ही नहीं
लेकिन पुरूष तो प्यार करता ही नहीं था वो तो सिर्फ और सिर्फ उसके शरीर को पाना चाहता था
उसके जज्बात उसका प्यार या उसका सम्मान उसके लिए सब एक दिखावा है
वो बस यही तक आना चाहता है औरत के साथ
अगर पुरूष इतना पवित्र है तो क्यूँ वो हर औरत को वासना की नजर से देखता है
क्यू छूना चाहता है हर औरत को
और जिन हाथों से वो किसी परायी औरत को छूता है फिर क्यूँ उन्ही हाथों से अपनी पत्नी को छूता है
अगर एक पुरुष के छूने से एक औरत अपवित्र होती है तो उस औरत को छूकर पुरूष कैसे पवित्र रह जाता है
उन्हीअपवित्र हाथों के छूने से उसकी बीवी उसकी बेटी कैसे पवित्र रह सकती हैं
जो खेल वो घर से बाहर हर दूसरी औरतों के साथ खेलना चाहते हैं
अगर वही खेल उनकी अपनी बीवी या बेटी के साथ कोई खेल रहा हो तो
क्या वो उनको अपना पायेगा या फिर अपने आप को माफ कर पायेगा ??
जो मर्द ऐसे हैं मेने पोस्ट मे सिर्फ उनकी ही बात की है सब खुदपर ना लें ओर मेरी ये पोस्ट सही हे य़ा गलत सायद ये बात बहुत सी औरतें अच्छे से समझेंगी ज़िनके साथ ऐसा हुआ हे य़ा हो रहा हे बाकी किसी को कोई बात गलत लगे तो माफी...
#महिलाओं...🙏